17 October 2026

अवैध निर्माण से नहीं होगा समझौता, एमडीडीए ने कसी कमर, बुलडोज़र बना नया कानून    

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अवैध निर्माण से नहीं होगा समझौता, एमडीडीए ने कसी कमर, बुलडोज़र बना नया कानून

 

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अगुवाई में मसूरी- देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। बीते एक माह के भीतर प्राधिकरण ने लगभग 150 बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया और ऋषिकेश सहित विभिन्न स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बहुमंजिला इमारतों समेत दर्जनों निर्माणों को सील किया है।

*कहाँ-कहाँ हुई बड़ी कार्रवाई*

डोईवाला के झाबरावाला में 18 बीघा, रानीपोखरी के डांडी गांव में 10 से 12 बीघा, भानियावाला के बक्सारवाला में 25 बीघा और देहरादून के हरिद्वार रोड (साईं मंदिर के निकट) में 40 बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके अतिरिक्त शीशमबाड़ा क्षेत्र में 10 बीघा और रूपनगर बद्रीपुर में 5 बीघा अवैध प्लॉटिंग को भी गिराया गया। माजरी ग्रांट, हरिद्वार रोड, नेहरू कॉलोनी, सहस्त्रधारा रोड और शिमला बाईपास हिन्दुवाला क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्यवाही की गई। सबसे बड़ी कार्रवाई ऋषिकेश में देखने को मिली, जहाँ निर्मल बाग, वीरभद्र रोड, गली नंबर 10–11, कोयल ग्रांट और प्राधिकरण क्षेत्र के अन्य हिस्सों में एक दर्जन से अधिक बहुमंजिला इमारतों को सील किया गया।

*एमडीडीए की जीरो टॉलरेंस की नीति*

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा स्पष्ट है। प्रदेश में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होंगे और यह कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा है। उन्होंने दोहराया कि आज की कार्रवाई आख़िरी कदम नहीं है, बल्कि यह सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण हर उस जगह पहुँचेगा जहाँ मानकों के विरुद्ध ढांचा खड़ा किया गया है।

*आम जनता को किया जा रहा जागरूक*

प्राधिकरण आम जनता को भी लगातार जागरूक कर रहा है कि वह भू-माफियाओं के झांसे में न आएँ। किसी भी प्लॉट या निर्माण की वैधता की पुष्टि प्राधिकरण से अवश्य करें। बिना एमडीडीए से अनुमति की प्लॉटिंग या निर्माण आम जनमानस के लिए भविष्य में न केवल आर्थिक नुकसान बल्कि कानूनी संकट भी खड़ा कर सकते हैं।

*योजनाबद्ध विकास पर जोर*

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि उत्तराखंड की खूबसूरती और योजनाबद्ध विकास को बचाने के लिए कठोर फैसले लेना बेहद आवश्यक है। अवैध निर्माण न केवल पर्यावरण और भूगोल को नुकसान पहुँचाते हैं बल्कि प्रदेश की पहचान और भविष्य के लिए भी खतरा हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री धामी ने साफ निर्देश दिए हैं कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

*बुलडोज़र बना सख्ती का प्रतीक*

बुलडोज़र और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई इन कार्रवाइयों ने अवैध निर्माण और प्लॉटिंग माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है। वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार का यह कदम सही दिशा में है क्योंकि अवैध गतिविधियों से बुनियादी ढाँचा और संसाधन बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि देहरादून जनपद प्राधिकरण क्षेत्रांगर्त हुई यह कार्रवाई प्रदेशभर में यह संदेश देती है कि उत्तराखंड अब अवैध प्लॉटिंग और नियमविरुद्ध निर्माण के खिलाफ पूरी तरह एक्शन मोड में है।

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