22 February 2026

मंत्री गणेश जोशी के निर्देश पर 13.91 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत, प्रदेश में शहतूत एवं वन्या रेशम क्लस्टरों की स्थापना से 450 परिवारों को मिलेगा रोजगार  

0

 

मंत्री गणेश जोशी के निर्देश पर 13.91 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत, प्रदेश में शहतूत एवं वन्या रेशम क्लस्टरों की स्थापना से 450 परिवारों को मिलेगा रोजगार

 

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य में रेशम कीट बीज उत्पादन कार्यों को गति देते हुए विभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। गत वर्ष में विभाग द्वारा 312 मीट्रिक टन शहतूत कोया, 55,352 ओकटसर कोया तथा 10 हजार किग्रा एरी रेशम कोये का उत्पादन किया गया, जिससे लगभग 9 हजार कृषक परिवार लाभान्वित हुए।

उन्होंने बताया कि राज्य निर्माण से अब तक रेशम विभाग कीटबीज उत्पादन के लिए केन्द्रीय रेशम बोर्ड, भारत सरकार पर निर्भर था, जिस पर भारी धनराशि खर्च करनी पड़ती थी। लेकिन वर्तमान में विभाग ने बसंत फसल में ही 7 लाख डीएफएल्स का उत्पादन कर आत्मनिर्भरता प्राप्त कर ली है। अब उत्तराखण्ड अन्य राज्यों को भी कीटबीज की आपूर्ति करने में सक्षम है।

विभागीय मंत्री गणेश जोशी के निर्देशों पर विभाग द्वारा 13.91 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्रीय रेशम बोर्ड को भेजा गया था। इस प्रस्ताव के अंतर्गत शहतूत एवं वन्या रेशम क्लस्टरों की स्थापना हेतु मंजूरी मिल चुकी है। अभी तक एक शहतूती और एक वन्या क्लस्टर के लिए 3 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हो चुका है, जबकि शेष 4 क्लस्टरों के लिए शीघ्र ही धनराशि उपलब्ध होगी। इन क्लस्टरों से प्रदेश के 450 परिवारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और किसानों की आय बढ़ेगी।

ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना के अंतर्गत गत वर्ष 13 जनपदों में 300 महिला लाभार्थियों का चयन कर 90 हजार शहतूती पौधों का रोपण किया गया। इन लाभार्थियों को ककून क्राप्ट एवं रेशम धागाकरण का प्रशिक्षण देकर रेशम उत्पादन से जोड़ा जा रहा है।

जनपद पौड़ी के यमकेश्वर विकास खंड में देवभूमि रेशम किसान संगठन द्वारा 300 एकड़ भूमि पर शहतूत वृक्षारोपण किया गया है, जिससे 600 किसान रेशम कीटपालन से जुड़े हैं। भविष्य में इस क्षेत्र में रेशम धागाकरण एवं वस्त्रोपादन कार्य भी प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।

उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन के अंतर्गत ग्रोथ सेंटर सेलाकुई में तीन पावरलूम स्थापित कर प्रदेश में रेशमी साड़ियों का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। वर्ष 2024-25 में 45 हजार मीटर वस्त्र का उत्पादन किया गया है। आगामी वर्ष 2025-26 में देहरादून में सिल्क मार्क ऑफ इंडिया के सहयोग से ‘रेशम घर’ की स्थापना प्रस्तावित है। साथ ही सितम्बर माह में देहरादून में सिल्क एक्सपो का आयोजन भी किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed