‘देवभूमि की पहचान से खिलवाड़ नहीं’—धामी के अभियान में अवैध अतिक्रमणों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
‘देवभूमि की पहचान से खिलवाड़ नहीं’—धामी के अभियान में अवैध अतिक्रमणों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाए रखने और सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन विभिन्न जिलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में देहरादून के विकासनगर क्षेत्र स्थित शीशमबाड़ा में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मजार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। प्रशासनिक जांच में संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज पाई गई थी, जिस पर अवैध कब्जा कर मजार संचालित किया जा रहा था। नियमानुसार नोटिस देने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह कार्रवाई की गई।
प्रदेश सरकार लंबे समय से सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण, अवैध निर्माणों, अवैध मदरसों और अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री धामी कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तराखंड में कानून से ऊपर कोई नहीं है और देवभूमि का स्वरूप बदलने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार की इसी नीति के तहत जिला प्रशासनों को सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शीशमबाड़ा में हुई कार्रवाई को भी इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से अवैध निर्माण हटाकर भूमि को कब्जामुक्त कराया। अधिकारियों का कहना है कि जनपद में सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने बताया कि जनपद की विभिन्न तहसीलों में सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमणों का सर्वे कराया जा रहा है। चिन्हित स्थलों पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और निगरानी के निर्देश देते हुए कहा है कि सरकारी भूमि पर नए अतिक्रमण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री धामी के सख्त रुख के बाद प्रदेशभर में चल रही इस मुहिम को सरकारी भूमि संरक्षण और कानून के राज को मजबूत करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। प्रशासन ने आम जनता से भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की सूचना देने की अपील की है ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
